मुकेश जैन की गिरफ्तारी संबंधी ABR NEWS ग्राफिक में बैंक ट्रांसफर, नकद और साइबर चेतावनी का प्रतीकात्मक चित्र।

RTGS एजेंट की भूमिका पर ED की कार्रवाई: डिजिटल अरेस्ट मामले में मुकेश जैन गिरफ्तार

विशेष रिपोर्ट: RTGS–कैश लेनदेन और अकाउंटिंग जांच से जुड़े सवाल — पढ़ें

RTGS एजेंट की कथित भूमिका की जांच में प्रवर्तन निदेशालय ने मुकेश कुमार पुखराज जैन उर्फ मुकेश भाई को गिरफ्तार किया है। ED के अनुसार, मामला डिजिटल अरेस्ट साइबर धोखाधड़ी की रकम के लेनदेन से संबंधित है।

RTGS एजेंट की भूमिका को लेकर ED ने क्या बताया?

बैंक क्रेडिट के बदले नकद और कमीशन का आरोप

रिकॉर्ड नष्ट करने के आरोप, जांच जारी

ABR NEWS | साइबर क्राइम

RTGS एजेंट की भूमिका पर ED की कार्रवाई: डिजिटल अरेस्ट मामले में मुकेश जैन गिरफ्तार

पणजी: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, मुकेश कुमार पुखराज जैन उर्फ मुकेश भाई को ₹417 करोड़ के कथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ साइबर धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी के मुताबिक, 20 से अधिक राज्यों तक फैले इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी है।

RTGS एजेंट के जरिए बैंक क्रेडिट और नकद लेनदेन का आरोप

ED का आरोप है कि जैन दलालों के माध्यम से नेटवर्क के खातों में बैंक क्रेडिट की व्यवस्था करता था। इसके बदले नेटवर्क नियंत्रित करने वाले व्यक्तियों से नकद प्राप्त करता और अपना कमीशन रखता था।

साइबर धोखाधड़ी की रकम की जानकारी होने का दावा

एजेंसी के अनुसार, PMLA, 2002 के तहत दर्ज बयानों में उसने स्वीकार किया कि उसे इस धन-श्रृंखला में शामिल रकम के साइबर धोखाधड़ी, जिसमें ‘डिजिटल अरेस्ट’ भी शामिल है, से आने की जानकारी थी।

रिकॉर्ड और मोबाइल नष्ट करने का भी आरोप

ED ने आरोप लगाया है कि तलाशी के बाद उसने संबंधित रिकॉर्ड और साक्ष्य रखने वाले मोबाइल हैंडसेट नष्ट किए। एजेंसी के मुताबिक, वह बयान के लिए तय तारीख पर उपस्थित नहीं हुआ और बाद में उपस्थित होने पर टालमटोल वाले जवाब दिए। आगे की जांच जारी है।