NEET साइबर फ्रॉड: पेपर लीक और रिफंड ठगी मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने टेलीग्राम चैनलों और रिफंड स्कैम से जुड़े मामले में कार्रवाई की।

NEET साइबर फ्रॉड मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की कार्रवाई

NEET साइबर फ्रॉड मामले में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये आरोपी NEET पेपर लीक और परीक्षा शुल्क रिफंड के नाम पर छात्रों और अभिभावकों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहे थे।

मुख्य अपडेट

  • NEET पेपर लीक का झूठा दावा कर लोगों से पैसे वसूले जा रहे थे।
  • दो आरोपी राजस्थान से और एक आरोपी बिहार से गिरफ्तार किया गया।
  • टेलीग्राम चैनलों के जरिए छात्रों और माता-पिता को निशाना बनाया गया।
  • पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

NEET साइबर फ्रॉड में टेलीग्राम चैनलों का इस्तेमाल कैसे हुआ?

जांच के अनुसार, आरोपियों ने टेलीग्राम चैनलों पर ऐसे संदेश फैलाए जिनमें NEET प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया गया कि पैसे देने पर परीक्षा से पहले पेपर मिल सकता है। इसी झांसे में कई लोगों से बड़ी रकम वसूलने की कोशिश की गई।

NEET साइबर फ्रॉड में पेपर लीक का झूठा दावा

NEET साइबर फ्रॉड के इस मामले में सबसे बड़ा हथियार झूठी जानकारी और डर का माहौल था। आरोपी परीक्षा को लेकर छात्रों की चिंता का फायदा उठा रहे थे। पेपर लीक जैसे दावों के जरिए लोगों को जल्दबाजी में भुगतान करने के लिए उकसाया जा रहा था।

NEET साइबर फ्रॉड के रिफंड स्कैम में एक और गिरफ्तारी

साइबर क्राइम ब्रांच ने बिहार से एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह NEET परीक्षा शुल्क रिफंड दिलाने के बहाने लोगों से बैंकिंग जानकारी, व्यक्तिगत डेटा और अन्य संवेदनशील जानकारी हासिल कर रहा था। ऐसी जानकारी का इस्तेमाल आगे वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता था।

पुलिस की अपील

छात्रों और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे पेपर लीक, परीक्षा पास कराने या रिफंड दिलाने जैसे किसी भी ऑनलाइन दावे पर भरोसा न करें। संदिग्ध लिंक, टेलीग्राम चैनल और बैंक डिटेल मांगने वाले लोगों से सावधान रहें।

NEET साइबर फ्रॉड से छात्रों और अभिभावकों को कैसे बचना चाहिए?

NEET साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सबसे जरूरी है कि छात्र और अभिभावक केवल आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी सूचना पर ही भरोसा करें। किसी भी व्यक्ति या चैनल को OTP, UPI PIN, बैंक डिटेल, आधार नंबर या निजी जानकारी साझा न करें।

JCP शरद सिंघल का बयान

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच के JCP शरद सिंघल के अनुसार, साइबर अपराधी परीक्षा से जुड़े दबाव और चिंता का फायदा उठाकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। पुलिस ऐसे मामलों की जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।

साइबर सुरक्षा सलाह

  • पेपर लीक से जुड़े दावों पर भरोसा न करें।
  • टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर संदिग्ध चैनलों से दूर रहें।
  • OTP, UPI PIN और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें।
  • संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत शिकायत दर्ज करें।

अधिक जानकारी और शिकायत के लिए National Cyber Crime Reporting Portal देखें।

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ABR NEWS Cyber Crime Desk
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NEET साइबर फ्रॉड क्यों बन रहा है बड़ी चुनौती?

हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में लाखों छात्र भाग लेते हैं, इसलिए साइबर अपराधी छात्रों और अभिभावकों की चिंता का फायदा उठाने की कोशिश करते हैं। पेपर लीक, रिजल्ट में बदलाव, एडमिशन की गारंटी और रिफंड जैसे झूठे वादों के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, मैसेजिंग ऐप और टेलीग्राम चैनल ऐसे मामलों में सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाते हैं। कई बार अपराधी फर्जी स्क्रीनशॉट, नकली दस्तावेज और पुराने प्रश्नपत्र दिखाकर लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास करते हैं। इसके बाद वे एडवांस फीस, रजिस्ट्रेशन चार्ज या सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर रकम मांगते हैं।

छात्र और अभिभावक किन बातों का रखें विशेष ध्यान?

किसी भी परीक्षा से संबंधित जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी अधिसूचनाओं से ही प्राप्त करें। यदि कोई व्यक्ति या समूह परीक्षा का पेपर उपलब्ध कराने, रिजल्ट बदलवाने या सीट सुनिश्चित कराने का दावा करता है, तो उसे तुरंत संदिग्ध मानें। ऐसे मामलों की जानकारी साइबर क्राइम पोर्टल या स्थानीय पुलिस को दी जानी चाहिए।

  • केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें।
  • किसी भी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन भुगतान न करें।
  • फर्जी टेलीग्राम और सोशल मीडिया चैनलों से सावधान रहें।
  • OTP, बैंक डिटेल और UPI PIN कभी साझा न करें।
  • संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई छात्रों और अभिभावकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि ऑनलाइन दुनिया में सतर्कता बेहद जरूरी है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।