Published: 7 August 2026

मुंबई क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। इस ऑपरेशन में 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह देश-विदेश के लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाकर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई करता था और बाद में उस रकम को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करता था।

इस कार्रवाई को मुंबई पुलिस की हाल के समय की सबसे बड़ी साइबर क्राइम कार्रवाई में से एक माना जा रहा है।

कैसे हुआ पूरे रैकेट का खुलासा?

मुंबई क्राइम ब्रांच को साइबर फ्रॉड से जुड़ी कई शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की गई। तकनीकी निगरानी और डिजिटल ट्रेल के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि—

  • गिरोह फर्जी कॉल और ऑनलाइन लिंक के जरिए लोगों को ठगता था।
  • बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट्स का इस्तेमाल कर पैसे ट्रांसफर किए जाते थे।
  • कई राज्यों और विदेशों से भी इस नेटवर्क के तार जुड़े होने की आशंका है।

12 आरोपी गिरफ्तार

क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 12 लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—

  • लैपटॉप और कंप्यूटर
  • मोबाइल फोन
  • बैंक दस्तावेज
  • डेबिट और क्रेडिट कार्ड
  • सिम कार्ड
  • डिजिटल स्टोरेज डिवाइस

बरामद किए हैं। इन सभी की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।

मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच जारी

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि ठगी से कमाई गई रकम किन-किन खातों और कंपनियों के माध्यम से ट्रांसफर की गई।

अधिकारियों के अनुसार—

  • कई बैंक खातों की जांच की जा रही है।
  • संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी जुटाई जा रही है।
  • अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे—

  • किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • OTP, बैंक डिटेल या UPI PIN किसी से साझा न करें।
  • केवल आधिकारिक वेबसाइट और ऐप का ही उपयोग करें।
  • साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

पुलिस का बयान

मुंबई क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।

निष्कर्ष

मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का भंडाफोड़ साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। 12 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की गहराई से जांच कर रही हैं।

FAQs

Q1. मुंबई क्राइम ब्रांच ने कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?

इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

Q2. आरोपियों पर क्या आरोप हैं?

अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क चलाने का आरोप है।

Q3. पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?

लैपटॉप, मोबाइल, बैंक दस्तावेज, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल उपकरण।

Q4. क्या जांच अभी जारी है?

हाँ, पुलिस पूरे नेटवर्क और वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

Q5. साइबर ठगी होने पर क्या करें?

तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।

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