नई दिल्ली | ABR News 247

भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित Free Trade Agreement (FTA) अब 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है। इस समझौते को दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे भारतीय निर्यातकों, उद्योगों, कर्मचारियों और व्यवसायों को नए अवसर मिलेंगे, जबकि ब्रिटेन के बाजार में भारतीय उत्पादों की पहुंच और मजबूत होगी।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए “विन-विन” साबित होगा और आने वाले वर्षों में व्यापार तथा निवेश को नई गति देगा।

क्या है भारत-यूके FTA?

Free Trade Agreement (FTA) दो देशों के बीच ऐसा समझौता होता है, जिसके तहत आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्क (Custom Duty) को कम या समाप्त किया जाता है। इससे व्यापार करना आसान और सस्ता हो जाता है।

भारत और यूके के बीच यह समझौता कई वर्षों की बातचीत के बाद अंतिम रूप से लागू होने जा रहा है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।

भारतीय कारोबारियों को क्या होगा फायदा?

FTA लागू होने के बाद भारत के कई उद्योगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग
  • जेम्स एंड ज्वेलरी
  • फार्मास्यूटिकल्स
  • ऑटो कंपोनेंट्स
  • इंजीनियरिंग उत्पाद
  • आईटी और डिजिटल सेवाएं
  • कृषि एवं खाद्य उत्पाद

इन क्षेत्रों के उत्पाद अब ब्रिटेन के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगे, जिससे निर्यात बढ़ने की संभावना है।

भारतीय कर्मचारियों को कैसे मिलेगा लाभ?

सरकार के अनुसार यह समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय पेशेवरों के लिए भी नए अवसर लेकर आएगा।

विशेष रूप से—

  • आईटी प्रोफेशनल्स
  • इंजीनियर्स
  • डॉक्टर
  • चार्टर्ड अकाउंटेंट्स
  • कंसल्टेंट्स
  • स्टार्टअप उद्यमी

को ब्रिटेन में सेवाएं देने और व्यवसाय बढ़ाने में आसानी हो सकती है।

कुछ श्रेणियों के कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा (Social Security) से जुड़ी राहत मिलने की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे दोहरे योगदान (Double Contribution) का बोझ कम हो सकता है।

निर्यातकों के लिए बड़ी राहत

भारतीय निर्यातकों का मानना है कि FTA लागू होने के बाद कई उत्पादों पर आयात शुल्क कम होने से भारतीय कंपनियां ब्रिटिश बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगी।

विशेषज्ञों के अनुसार इससे—

  • निर्यात बढ़ेगा
  • विदेशी मुद्रा आय में वृद्धि होगी
  • छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को नए अवसर मिलेंगे
  • रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे

दोनों देशों के व्यापार संबंध होंगे मजबूत

भारत और ब्रिटेन पहले से ही मजबूत व्यापारिक साझेदार हैं। FTA लागू होने के बाद द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

दोनों देशों की सरकारें आने वाले वर्षों में व्यापार का स्तर कई अरब डॉलर तक पहुंचाने की योजना पर काम कर रही हैं।

विशेषज्ञों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।

हालांकि उनका यह भी कहना है कि भारतीय कंपनियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुसार गुणवत्ता, लागत और नवाचार पर लगातार काम करना होगा ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रख सकें।

MSME सेक्टर को भी मिलेगा लाभ

भारत के छोटे और मध्यम उद्योग (MSME) इस समझौते से सबसे अधिक लाभान्वित हो सकते हैं।

कम शुल्क और आसान बाजार पहुंच मिलने से MSME कंपनियां अपने उत्पादों का निर्यात बढ़ा सकेंगी और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकेंगी।

आने वाले समय में क्या बदल सकता है?

FTA लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच—

  • निवेश बढ़ सकता है।
  • नई कंपनियां भारत में निवेश कर सकती हैं।
  • भारतीय स्टार्टअप्स को नए अवसर मिल सकते हैं।
  • रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
  • व्यापार प्रक्रिया और अधिक सरल हो सकती है।

निष्कर्ष

भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौता (FTA) दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। 15 जुलाई से इसके लागू होने के बाद भारतीय निर्यातकों, कर्मचारियों और उद्योगों को नए अवसर मिलने की उम्मीद है। यदि इसका प्रभाव सरकार की अपेक्षाओं के अनुरूप रहा, तो यह भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

FAQs

1. भारत-यूके FTA कब लागू होगा?

यह समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होने जा रहा है।

2. FTA क्या होता है?

FTA (Free Trade Agreement) दो देशों के बीच व्यापार को आसान बनाने वाला समझौता है, जिसमें आयात-निर्यात शुल्क कम या समाप्त किए जाते हैं।

3. इससे भारतीय कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?

आईटी, इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और अन्य पेशेवरों के लिए नए अवसर बढ़ सकते हैं तथा कुछ मामलों में सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी राहत भी मिल सकती है।

4. किन उद्योगों को सबसे ज्यादा लाभ मिलने की उम्मीद है?

टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, जेम्स एंड ज्वेलरी, कृषि और आईटी सेक्टर।

5. क्या इससे भारत का निर्यात बढ़ेगा?

विशेषज्ञों के अनुसार आयात शुल्क कम होने से भारतीय उत्पाद ब्रिटेन में अधिक प्रतिस्पर्धी बन सकते हैं, जिससे निर्यात बढ़ने की संभावना है।

Related News: Business News | Mumbai News | Sports News | Home