खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी के दौरान विमान से उतरते यात्री – ABRNEWS247

नई दिल्ली:

पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच भारत सरकार ने खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी के लिए विशेष समन्वित अभियान चलाया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में लगभग 10,000 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया है। इसके अतिरिक्त ईरान से भी करीब 3,000 नागरिकों की वापसी सुनिश्चित की गई है।

खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसके तहत सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।

इस अभियान का उद्देश्य खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी को सुगम बनाना है, जिससे उन्हें सुरक्षित स्वदेश लौटने का अवसर मिल सके।

यह अभियान विदेश मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित भारतीय दूतावासों के समन्वय से संचालित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिकता उन नागरिकों को दी गई जो संवेदनशील क्षेत्रों में कार्यरत थे या जिनकी सुरक्षा को लेकर विशेष चिंताएँ व्यक्त की गई थीं।


विशेष उड़ानों की व्यवस्था

सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में:

  • विशेष चार्टर उड़ानें संचालित की गईं
  • वाणिज्यिक उड़ानों में अतिरिक्त सीटें आरक्षित की गईं
  • 24×7 हेल्पलाइन सक्रिय की गई
  • दूतावासों ने स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय किया

निकासी प्रक्रिया के दौरान यात्रियों को आवश्यक दस्तावेजी सहायता और कांसुलर समर्थन भी उपलब्ध कराया गया।


ईरान से भारतीयों की वापसी

इस निकासी में खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी के दौरान यात्रियों को सहायता प्रदान की गई।

ईरान से लगभग 3,000 भारतीय नागरिकों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाया गया। अधिकारियों ने बताया कि वापसी प्रक्रिया सुरक्षा मूल्यांकन के आधार पर की गई। संबंधित दूतावासों ने पंजीकरण प्रणाली के माध्यम से नागरिकों की सूची तैयार की और प्राथमिकता के आधार पर निकासी की योजना बनाई।


प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा

ईरान से भी खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी की प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए नागरिकों की सहायता की गई।

खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय कार्यरत हैं, विशेषकर निर्माण, स्वास्थ्य, ऊर्जा और सेवा क्षेत्रों में। क्षेत्रीय तनाव के कारण कुछ स्थानों पर अस्थिरता की स्थिति उत्पन्न हुई थी। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति की निरंतर निगरानी की जा रही है और आवश्यक होने पर अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।


आधिकारिक परामर्श

विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को निम्नलिखित सलाह दी है:

विदेश मंत्रालय की सलाह में खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी के समय स्थानीय प्रशासन का सहयोग लेने पर जोर दिया गया है।

खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी से संबंधित सलाह और उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।

  • स्थानीय प्रशासन और दूतावास के निर्देशों का पालन करें
  • अनावश्यक यात्रा से बचें
  • अपने दस्तावेज अपडेट रखें
  • भारतीय दूतावास के पंजीकरण पोर्टल पर जानकारी दर्ज करें

आर्थिक और सामुदायिक प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की निकासी कार्रवाइयाँ केवल सुरक्षा उपाय नहीं बल्कि सामुदायिक आश्वासन का भी संकेत हैं। बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीयों की उपस्थिति को देखते हुए सरकार द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


इस प्रकार की निकासी के दौरान खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी को प्राथमिकता दी जा रही है।

स्थिति पर सतत निगरानी

अधिकारियों ने कहा है कि हालात की समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त उड़ानों और सहायता केंद्रों की व्यवस्था की जाएगी। संबंधित मंत्रालयों के बीच समन्वय जारी है।


सरकार ने खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी के लिए बड़ा कदम उठाते हुए सुरक्षा उपायों का विस्तार किया है।

ABR Regulatory Note

यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध आधिकारिक बयानों और विश्वसनीय स्रोतों पर आधारित है। स्थिति में किसी भी परिवर्तन पर अपडेट जारी किया जाएगा।

इस रिपोर्ट में खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी की प्रक्रिया का समावेश किया गया है।

अधिकारियों ने खाड़ी देशों से भारतीयों की वापसी की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की बात की।

अधिक जानकारी के लिए विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखें:

संबंधित दूतावासों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है:

अधिक जानकारी और आधिकारिक अपडेट के लिए नागरिक विदेश मंत्रालय की वेबसाइट (https://www.mea.gov.in) तथा संबंधित भारतीय दूतावास के पोर्टल (https://www.indianembassy.gov.in) पर विजिट कर सकते हैं।

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